सुमिरन टॉनिक - करे मन के दिए जख्मों का शर्तिया इलाज | बढ़ाए आत्मिक शक्ति और बनाए आत्मनिर्भर इंसान | जानिए कैसे:
जब इन्सान किसी के सहारे हो जाता है तो यकीनन एक दिन दुःख-परेशानियाँ उसे घेरती हैं. इसलिए परमानेंट हमदर्द सिर्फ ईश्वर को बनाइये। Lines & Image by: PapaTheGreat.Net कोई भी इन्सान अगर इश्वर का नाम लेता है तो उसका आत्मबल बड़ता चला जाता है, और आत्मबल जिनके अंदर होता है वो लोग हारी हुई बाजी भी जीत जाया करते हैं. आत्मबल हांसिल करने के लिए लोग जंगलो, पहाड़ो और उजाड़ों में न जाने कितने साल घूमते रहते हैं और भगवान की तलाश करते रहते हैं लेकिन असलियत में हमारे सभी धर्मो का सार (निचोड़) यही है कि चाहे घर-गृहस्थी में रहो या चाहे त्यागी-तपस्वी बनकर रहो, अगर राम का नाम जपोगे सिर्फ तभी ये जालिम मन काबू में आ सकता है वरना ये काबू में नहीं आता. गुरु जी फरमाते हैं कि पिछले कई सत्संगो में लोगों ने हमसे यह प्रश्न पूछा कि मन और आत्मा की आवाज़ में क्या अंतर है ? आखिरकार कैसे इस बात की पहचान करें कि कौन से विचार मन के हैं और कौन से विचार आत्मा के हैं. इसी बात को स्पष्ट करते हुए 31 मई 2017 की रूहानी मजलिस के दौरान गुरु जी ने बताया कि: हमारे पवित्र धर्मों में ये माना गया है ...